रायपुर, 13 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिख रही है। राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में मान-सम्मान दिलाने के उद्देश्य से संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ अब हजारों परिवारों के लिए उन्नति का आधार बन गई है।
महिलाओं की आर्थिक शक्ति बने मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि जब महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। इसी विजन के साथ, उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से एक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे योजना की राशि बिना किसी रुकावट के सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है। योजना की 29वीं किस्त का सफल हस्तांतरण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार अपने वादों को पूरा करने के प्रति कितनी गंभीर है।
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की श्रीमती बसंती धुर्वे जैसे कई लाभार्थी इस बदलाव की गवाह हैं। श्रीमती धुर्वे ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने हमें केवल आर्थिक सहायता नहीं दी, बल्कि स्वाभिमान से जीने का हौसला दिया है।” योजना की राशि मिलने से महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जागा है। अब वे न केवल अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
समावेशी विकास की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन में यह योजना प्रदेश के हर कोने में पहुंच चुकी है। यह केवल एक सरकारी सहायता नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का वह संकल्प है जिसके जरिए वे राज्य की लाखों माताओं और बहनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं।
राज्य सरकार के इस प्रभावी क्रियान्वयन ने यह सिद्ध कर दिया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ‘महिला कल्याण’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर क्रियान्वित एक ठोस वास्तविकता है। उनके इस जनकल्याणकारी दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ के परिवारों में खुशहाली का नया संचार हो रहा है।


