बिलासपुर। बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के नियोजित शहरी विकास और यातायात सुगमता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू के प्रस्ताव और सतत प्रयासों के फलस्वरूप केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 32 किलोमीटर लंबी ‘बिलासपुर रिंग रोड’ परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मंत्री गडकरी ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि परियोजना की उपयोगिता और बिलासपुर की भावी प्रशासनिक एवं औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) तैयार करने की अनुशंसा की गई है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
रणनीतिक कनेक्टिविटी:
प्रस्तावित 32 किमी लंबी रिंग रोड बोदरी (छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समीप) से प्रारंभ होकर सेंदरी गांव (NH-130) तक जाएगी। इससे उच्च न्यायालय और बिलासपुर हवाई अड्डे को कोरबा, कटघोरा और सीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से सीधा संपर्क मिलेगा।
यातायात जाम से राहत:
शहर के भीतर से गुजरने वाले NH-49 और NH-130 के भारी वाहनों को बाहरी बायपास मार्ग उपलब्ध होगा। इससे मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा और नागरिकों को स्थायी राहत मिलेगी।
औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा:
रिंग रोड सिरगिट्टी और लालखदान जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को NH-130A (रायपुर-धनबाद एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर) से जोड़ेगी। इससे माल परिवहन में समय और ईंधन की बचत होगी तथा स्थानीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स तंत्र को मजबूती मिलेगी।
रोजगार और अधोसंरचना विस्तार:
बिलासपुर, जो दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) का मुख्यालय है, वहां ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क के सुनियोजित विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
केंद्रीय राज्यमंत्री सह सांसद तोखन साहू की इस पहल को बिलासपुर के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। केंद्र सरकार की त्वरित सहमति से न्यायधानी बिलासपुर को ट्रैफिक जाम से राहत और सुनियोजित विकास की नई दिशा मिलने की संभावना है।

